'भविष्य मलिका' की कुछ महत्वपूर्ण पंक्तियाँ-   डिबसे उदित होइब तारे विशाल होइब रबीर सच.. हवा बाहिब बाहर निकलें कर शनि मार डालो पदार्थ जिब बारिश ।। एक बस्त्रक पुनः बंचिब दिन रजक मकान नदेबे बुसान ।। माँ भतीजा माया पोये कॉम्प भाई भोनी पुनः बिनोद रंग ।। गुरुंकु शिष्य प्रणाम मिशुआ काहिला कहानी कहो कहो माया ।। गुरुंकु भांडीबे नादेब अमीर भी लुचिबे नाथिब माननीय ।।                     सफलता श्रृंखला   दिन के दौरान आकाश में तारे दिखाई देगा और सूर्य का किरणें भी मजबूत और कठिन होगा. दिन-ब-दिन तूफान बहुत कुछ जोर से होगा और आप बैठा हुआ जगह से भी माल चोरी होगा. लोग वही कपड़ों में दिन खर्च करेंगे और धोबी को साफ को वस्त्र इसके अलावा भी देंगे नहीं हैं. चाची, भतीजा, माँ, लड़का, भाई-बहन के बीच गलत संबंध होगा, पवित्र संबंध नहीं होगा. कोई किसका सम्मान करेगा नहीं. शिष्य गुरु का सुनेंगे नहीं हैं और गुरु का अनादर करेगा और बृहस्पति को जैसे ही आप देखेंगे गुरु का सम्मान नहीं करता है घर में छिप जाएगा.   जय जगन्नाथ