इस वीडियो में पंडित श्री काशीनाथ जी ने बताया है कि कलयुग के पापों के कारण कलयुग की आयु 432000 वर्ष से घटकर 5000 वर्ष हो जाएगी। कलियुग की आयु भविष्य मलिका में 5000 वर्ष और मनु संहिता में 4800 वर्ष बताई गई है और श्री सूर्य सिद्धांत और वायु पुराण के अनुसार भी कलियुग की आयु 4800 बताई गई है। वर्षों।कलयुग के विघटन का एक सबसे बड़ा कारण पिता की हत्या है, जिसका प्रायश्चित किसी ग्रंथ में नहीं है, असुरों ने भी अपने पिता को नहीं मारा, लेकिन आज का मनुष्य उनसे भी अधिक गिर गया है और दूसरा बड़ा पाप है माता की हत्या, जो माता इस मानव समाज की जननी है, आज का मनुष्य जो असुर से च्युत हो चुका है, वह भी उस स्नेहमयी और दयालु माता की हत्या कर देता है, यह इतना बड़ा पाप है जिसका न तो कोई प्रायश्चित है और न ही। इसे भगवान भी माफ कर सकते हैं।आज इस घोर कलयुग में यह महापाप हम सब देख रहे हैं तो क्या यह कलयुग के अंत का समय नहीं है।आप सभी अपने विवेक से विचार करें और तीसरा लक्षण है गौमाता की हत्या, गौमाता में 33 करोड़ देवताओं का वास है, जिसे हमारे शास्त्रों में दूसरी माता भी कहा गया है।हम सभी गौमाता का दूध पीकर बड़े हो रहे हैं और बाद में उसकी हत्या कर देते हैं, तो इससे बड़ा पाप क्या हो सकता है? जहां हजारों गायें रहती हैं वहां दैवीय आपदाएं या भूकंप नहीं आते, इसलिए हमें कलयुगी पापों से दूर हटकर गायों की रक्षा करनी चाहिए।

#पंडित श्री काशीनाथ मिश्र भागवत, रामचरित मानस और पंचसखा मलिका के सर्वश्रेष्ठ विश्लेषक हैं। कल्कि अवतार कलियुग की सच्चाई और भगवान विष्णु के अवतार को कवर करने वाले दुनिया के अग्रणी चैनलों में से एक है। कृपया हमारे चैनल को सब्सक्राइब करें और हमारे नए अपडेट के बारे में सूचनाएं प्राप्त करने के लिए घंटी आइकन दबाएं।

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