Part 1 · 2023

भविष्य मालिका पुराण ( भाग - 1 )

भविष्य मालिका पुराण (भाग - 1) 2023 में नोशन प्रेस द्वारा प्रकाशित एक हिंदी भाषा की पुस्तक है। यह 600 वर्ष पूर्व श्री अच्युतानंद दास जी एवं पंचसखाओं द्वारा लिखी गई भविष्य मालिका का हिंदी अनुवाद है।

जगन्नाथ संस्कृति व भविष्य मालिका के परम विद्वान् पंडित श्री काशीनाथ मिश्र जी ने अपने 40 वर्षों से अधिक मालिका अध्ययन व शोध के पश्चात् इसे लिखा है।

Index

पुस्तक की अनुक्रमणिका

The full contents listed on the official source page are preserved here for easier reading.

  1. परिचय:‘भविष्य मालिका पुराण’ क्या है?
  2. लेखक की कलम से
  3. प्रस्तावना
  4. अध्याय 1: कलियुग के अंत काल में भविष्य मालिका की आवश्यकता
  5. अध्याय 2: ‘भविष्य मालिका’ ग्रंथों के रचयिता कौन हैं?
  6. अध्याय 3: चतुर्युग गणना के संबंध में विचार
  7. अध्याय 4: कौन-कौन-से पापकर्मों के द्वारा कलियुग का पतन होगा?
  8. अध्याय 5: धर्म संस्थापना के लिए भगवान विष्णु के दशावतार
  9. अध्याय 6: कलियुग का अंत होने के लक्षण
  10. अध्याय 7: म्लेच्छ किसे कहते हैं?
  11. अध्याय 8: चारों युगों में धर्मसंस्थापना और कलियुग में धर्म की संस्थापना का वर्णन
  12. अध्याय 9: कलियुग में भगवान के तीन अवतार होंगे
  13. अध्याय 10: विभिन्न शास्त्र, पुराण और भविष्य मालिका में भगवान कल्कि के अवतार से संबद्ध वर्णन
  14. अध्याय 11: कलियुग के पूरा होने के संबंध में श्रीजगन्नाथ क्षेत्र से मिले संकेत